Friday, September 10, 2010

हर तालिका व्रत

Durga Puja Beginnerइसको प्रत्येक स्थान में अलग नामों से भी जाना जाता है | यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में किया जाता है | सभी व्रत आदि का एक निश्चित नियम और समय भी होता है | उसी तरह यह व्रत भी उसी तृतीया में करना चाहिए जो चतुर्थी तिथि से जुडी हुई हो | इस वर्ष की यह तिथि ११-९-२०१० शनिवार को रहेगी | तभी व्रत करना अच्छा होगा | यह व्रत माता गौरी के लिए किया जाता है ज्यादातर इसको स्त्रियाँ ही करती हैं | इस व्रत को नियम और भक्ति पूर्वक करने से पति को होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है | यह व्रत बिना जल अर्थात निर्जल रखने का नियम व परम्परा है | इस दिन मुख्यतः शिव का माता पार्वती के साथ पूजन करना चाहिए |
प्रायशः मिट्टी की मूर्ती बनाकर पूजा करने का नियम है | इस व्रत में माता को शृंगार सामग्री अर्पण की जाती
 हैं | इस व्रत में रात्रि को सोना वर्जित है | रात्रि में जागरण करना और प्रातः देव विसर्जन के बाद पारण करने का नियम है |

2 comments:

dheeraj kumar said...

jankari ke liye dhanyavaad.

Anonymous said...

jay ganesh pandit ji
aapne vrat par bahut thik likha hai meri mammi bahut khush huii maine unko sunaya tha
dhnaywad
anshika